संस्था के संस्थापक शशांक मौर्य जी के बारे में
उत्तर प्रदेश की पावन धरती, रायबरेली ने अनेक रत्नों को जन्म दिया है, और उन्हीं में से एक अनमोल रत्न हैं माननीय शशांक मौर्य जी, एक ऐसा नाम, जो न सिर्फ बॉलीवुड की रचनात्मक दुनिया में गूंजता है, बल्कि बुद्ध धम्म के दर्शन और सिद्धांतों को अपनी लेखनी के माध्यम से जन-जन तक पहुंचाता है। उनकी लेखनी में गहराई, सरलता, सारगर्भिता, और बुद्ध के प्रति अद्भुत समर्पण भाव है और विशेष रूप से तब! जब वे तथागत बुद्ध के धम्म पर आधारित गीतों की रचना करते हैं। बचपन से लेकर आज तक उन्होंने बुद्ध धम्म पर हजारों गीतों की रचना की है, जो न केवल साहित्यिक सौंदर्य से परिपूर्ण हैं, बल्कि मानवीय संवेदना और चेतनता को जागृत करने प्रज्ञा से ओत-प्रोत हैं।
शशांक मौर्य जी का जन्म और प्राथमिक शिक्षा गाँव से हुई लेकिन हायर एजुकेशन लखनऊ से कम्पलीट किया. लेखन और संगीत में रूचि होने के कारण उन्होंने मुंबई की ओर रुख किया और वहां अपना करियर तलाशा और एक मुकाम हासिल किया. आज भी उनका प्रोडक्शन हाउस मुंबई में है. उनके द्वारा अलग अलग भाषाओं में सैकड़ों मूवीज, सीरियल, वेब सीरीज और गीतों का निर्देशन किया गया है और आज भी अनवरत रूप से किया जा रहा है. उनके द्वारा लिखे गए हजारों गीत जो बुद्ध दर्शन, सामाजिक चेतना और भारत के उस एतिहासिक व स्वर्णिम परिवेश को दर्शाते है, जिस पर आज भी सम्पूर्ण विश्व के समक्ष भारत का वास्तविक वजूद है. उनके द्वारा लिखे गए गीत हर डिजिटल प्लेटफार्म पर उपलब्ध है और उन गीतों को अपनी सुरीली आवाज़ दी है धम्म गायिका माननीया शिल्पी शाक्या जी ने.
उनका कहना है कि अगर किसी परिवार को कमज़ोर से सक्षम बनाना है तो उस परिवार के बच्चों को सही शिक्षा और सही दिशा दे दो वो परिवार अपने आप सक्षम हो जाएगा और उसे किसी के भी सहारे की ज़रूरत नहीं पड़ेगी. उनका मानना है कि देश का विकास करना है तो समाज में वैज्ञानिक व तार्किक सोच-समझ को विकसित करना होगा ताकि समाज का हर वर्ग शिक्षा, विज्ञान और तकनीक के माध्यम से हर वो उंचाई हासिल कर सके जिसकी उसके मन में जिज्ञासा है.
असली भारत को देखना है तो हमें गाँव का रुख करना पड़ेगा और अगर देश का विकास करना तो हमें इसकी शुरुवात गाँव से ही करनी पड़ेगी. गाँव में प्रतिभाये तो बहुत हैं पर उन्हें सही दिशा न मिल पाने के कारण वहीं की वहीं ख़त्म हो जाती है और एक मजदूर की भांति अपना जीवन यापन करने के लिए मजबूर हो जाती हैं. इन्ही सब उलझनों और चिन्ताओ को ध्यान में रखकर एक ऐसा मिशन तैयार किया गया जिसको नाम दिया गया मिशन हायर एजुकेशन. जो भारत की दिशा और दशा दोनों को बदलने की क्षमता रखता है.

शशांक मौर्य
(गीतकार एवं डायरेक्टर फिल्म इंडस्ट्री मुंबई )
(एम ए , एल एल बी, आईजीडी बॉम्बे आर्ट, साउंड इंजीनियरिंग
गवर्नर अवॉर्ड इन स्काउट, प्रेसिडेंट अवॉर्डइन स्काउट,
चेयरमैन गौतम बुद्ध कॉलेज ऑफ आईटी एंड मैनेजमेंट सोसायटी,
फाउंडर एंड मैनेजिंग डायरेक्टर ऑफ व्योम एंटरटेनमेंट मुंबई,
मेंबर ऑफ फिल्म राइटर्स एसोसिएशन मुंबई, मेंबर ऑफ फिल्म प्रोड्यूसर एसोसिएशन मुंबई,)